माँ दुर्गा लोगो
Goddess Mother Lashami
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माँ लक्ष्मी के वैभवशाली व्रत कथा

किसी नगर में बहूत सारे लोग रहते थे , सभी अपने कामो में व्यस्थ थे | किसी को धर्म म भक्ति भाव से कोई मतलब नहीं था | सभी सिर्फ अपने हित का सोचते थे इसी कारण नगर में अधर्म और पाप बहूत बढ़ गया था |

इसी नगर में शीला अपने पति के साथ शांति से रहती थी | वो दोनों बुराइयों से बहूत दूर थे | प्रभु भक्ति में भी अपना समय लगते थे |
देखते ही देखते समय बदल गया और उसका पति गलत लोगो की संगति में पड़ गया , अब वो रातो रातो करोडपति बनने के सपने देखने लगा | उसने गलत संगति में गलत रास्ते चुने | शराब , जुआ जैसे गलत शोक लगा लिए , पर इस लालच में उल्टा हुआ और वो कंगाल होकर रोडपति बन गया |
शीला इन बातो से बहूत दुखी थी और मन ही मन अपने पति के लिए सद्बुद्दी की माता रानी से विनती करती थी | वो अब ज्यादा से ज्यादा समय भक्ति में लगाने लगी | एक दिन उनके द्वार पे किसी आलोकित तेज और करुणा दयामय वृद्ध औरत ने दस्तक दी | शीला ने जब उन्हें देखा तो उसके मन में बड़ी शांति की अनुभूति हुई |
उस माई ने बताया की वो शीला को वो हर शुक्रवार लक्ष्मी माँ के मंदिर में भजन कीर्तन में देखती थी | पर इन दिनों तुम मंदिर नहीं आ रही हो तो तुम्हे देखने तुम्हारे घर आ गयी |
शीला ने अपनी सारी विपतिया और आपबीती माई को बताई | माई ने कहा की तू चिंता ना कर | माँ लक्ष्मी सब ठीक कर देगी और उसे शुक्रवार व्रत( बैभव लक्ष्मी ) कथा करने के बारे में बताया और कहा की यह व्रत हर मनोकामना को पूर्ण कर देता है |
शीला ने व्रत करने की ठान ली | जैसा मांजी ने बताया उसकी तरीके और लगन से उसने माँ लक्ष्मी का यह व्रत किया | उसने यह प्रसाद अपने पति को खिलाया | प्रसाद खाकर उसके पति के स्वभाव और सोच में भी फर्क आया | उसे अब अपनी सारी बुराइयों का पता चला और फिर से नए उर्जा के साथ ज़िन्दगी के पथ पर बढ़ने लगा |
शीला ने पूर्ण श्रद्धा-भक्ति से इक्कीस शुक्रवार तक 'वैभवलक्ष्मी व्रत' किया। इक्कीसवें शुक्रवार को माँजी के कहे मुताबिक उद्यापन विधि कर के 21 स्त्रियों को 'वैभवलक्ष्मी व्रत' की 21 पुस्तकें उपहार में दीं। और अपने और जगत के कल्याण की विनती की |

व्रत प्रभाव से शीला के पति से नया कारोबार शुरू किया और दिन पे दिन उन्नति करता रहा |
हे माँ लक्ष्मी | जिस तरह आपने शीला की सभी विपतियो को दूर किया ऐसे ही आपके व्रत करने वाले की सभी परेशानियों को दूर करे | सभी का कल्याण करे |



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