माँ दुर्गा लोगो
Goddess Maa Durga
http://hi.jaidevimaa.com/=>maa-durga=>all-god-worshipped.php =>
माँ दुर्गा मुख्य देवीमाँ वैष्णो देवी पूजन विधि साईटमेप


देवी माँ दुर्गा की पूजा से सभी देवता खुश

सिर्फ आदि शक्ति दुर्गा माँ की पूजा अर्चना से ही खुश हो जाते है समस्त देवी देवता :

all gods worshipeed by durga worship  यह प्रसंग हम लाये है दुर्गा सप्तशती पाठ से जिसमे बताया गया है की तीनो लोको के कल्याण के लिए किस तरह देवी दुर्गा माँ का अवतरण हुआ है और क्यों देवी माँ दुर्गा की ही आराधना से सभी मुख्य देवी देवताओ का आशीष साधक को प्राप्त होता है |

देवताओ की वेदना पर त्रिदेव और देवताओ के तेज से भगवती का अवतार :

दुर्गा सप्तशती के दुसरे अध्याय से जब दानव राज महिषासुर ने अपने राक्षसी सेना के साथ देवताओ पर सैकड़ो साल चले युद्ध में विजय प्राप्त कर ली और स्वर्ग का राजाधिराज बन चूका था | सभी देवता स्वर्ग से निकाले जा चुके थे | वे सभी त्रिदेव (बह्रमा विष्णु और महेश) के पास जाकर अपने दुखद वेदना सुनाते है | पूरा वर्तांत सुनकर त्रिदेव बड़े क्रोधित होते है और उनके मुख मंडल से एक तेज निकलता है जो एक सुन्दर देवी में परिवर्तित हो जाता है | भगवान शिव के तेज से देवी का मुख , यमराज के तेज से सर के बाल , श्री विष्णु के तेज से बलशाली भुजाये , चंद्रमा के तेज से स्तन , धरती के तेज से नितम्ब , इंद्र के तेज से मध्य भाग , वायु से कान , संध्या के तेज से भोहै, कुबेर के तेज से नासिका , अग्नि के तेज से तीनो नेत्र |

देवताओ द्वारा शक्ति का संचार देवी दुर्गा में :

शिवजी ने देवी को अपना शूल , विष्णु से अपना चक्र , वरुण से अपना शंख , वायु ने धनुष और बाण , अग्नि ने शक्ति , बह्रमा ने कमण्डलु , इंद्र ने वज्र, हिमालय ने सवारी के लिए सिंह , कुबेर ने मधुपान , विश्वकर्मा में फरसा और ना मुरझाने वाले कमल भेट किये , और इस तरह सभी देवताओ ने माँ भगवती में अपनी अपनी शक्तिया प्रदान की |

इन सभी देवताओ के तेज से देवी दुर्गा में रूप के साथ साथ शारीरिक और मानसिक शक्ति का भी संचार होता है | देवता ऐसी महाशक्ति महामाया को देखकर पूरी तरह आशावान हो जाते है की महिषासुर का काल अब निकट है और देवताओ का फिर से स्वर्ग पर राज होगा |

माँ दुर्गा ने महिषासुर और उसकी सम्पूर्ण सेना का वध करके देवताओ को फिर से स्वर्ग दिला दिया | माँ के जय जयकार तीनो लोको में हुई |
पढ़े : दुर्गा सप्तशती के सिद्ध चमत्कारी मंत्र
तब से जो भी व्यक्ति सच्चे मन से माँ दुर्गा की आराधना करता है उसे सभी देवताओ का आशीष मिलता है | माँ दुर्गा के नव रूप की पूजा के लिए नवरात्रि त्यौहार मनाया जाता है | घर घर में कलश स्थापना की जाती है और रात्रि में माँ दुर्गा का जागरण किया जाता है |

निचे दिए गये लिंकों में आप जानेंगे नवरात्रि से जुडी विशेष बाते :

क्या होते है नवरात्रे

कैसे होती है नवरात्रों में कलश स्थापना

माँ का जगराता या जागरण

क्या करे क्या ना करे नवरात्रों में

माँ दुर्गा के 9 रूप और उनकी महिमा

दुर्गा सप्तशती के अध्याय :

मधु कैटभ वध     महिषासुर वध     धूम्रलोचन वध

चण्ड मुण्ड वध    रक्तबीज वध

निशुम्भ शुम्भ वध