माँ दुर्गा लोगो
Goddess Maa Durga
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माँ दुर्गा के विभिन्न अवतार

देवताओ को वरदान दिया की उनकी सुरक्षा वे विभिन्न अवतार लेकर करेगी

देवी माँ ने दुर्गा सप्तशती के 11वे अध्याय में देवताओ की स्तुति से प्रसन्न होकर यह वरदान दिया की जब जब त्रिलोक में और उनपे संकट आएगा तब वो स्वम् अवतार लेकर उनके संकटो को दूर करेगी | नवरात्रि में तो माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा तो की ही जाती है इसके अलावा भी भगवती ने अवतार लिए है |

अब जाने दुर्गा माँ से किन किन अवतारों की भविष्वाणी की थी :

रक्तदंतिका :

माँ ने देवताओ को बताया की वो नंदगोप की पत्नी यशोदा के पेट से जन्म लूंगी और विन्ध्याचल पर्वत पर निवास करते समय इन दोनों दैत्यों का वध करूंगी। फिर मैं वैप्रचित्त दानव के नाश करने के लिए एक अत्यंत भयंकर रूप में पृथ्वी पर अवतार लूंगी।' इस अवतार में माता ने संकेत दिया है कि इन दैत्यों को चबाते हुए माता के समस्त दन्त अनार के दानो के रंग की तरह लाल दिखाई देंगे। इस अवतार के रूप में माँ को भक्त रक्तदंतिका के नाम से पुकारेंगे |

शताक्षी :

माँ ने देवताओ को बताया की अगला अवतार तब लेगी जब धरा पर 100 वर्षो से वर्षा नही होगी | तब माँ मुनियों के स्तुति करने पर प्रकट होंगी। इस अवतार में माता अपने सौ नेत्रों के माध्यम से अपने भक्तों को देखेगी और इनका नाम 'शताक्षी' होगा अर्थात सौ आँखों से देखने वाली ।

शाकम्बरी देवी :

जब इस धरा पर 100 वर्षो तक बारिश नही होगी तब इस धरती पर जीवन बचाने माँ शाकम्बरी देवी के रूप में अवतरित होगी और अपनी अनेको शाखाओ से भरण पोषण करेगी जब तक वर्षा नही हो जाती |

दुर्गा :

इसी अवतार में दुर्गम नाम के एक दैत्य का संहार करने के कारण भक्तगण माँ दुर्गा के नाम से भी माता का स्मरण, आरती और स्तुति करेंगे।
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भीमा देवी :

देवी ने कहा कि उनका एक अन्य अवतार 'भीमा देवी' के रूप में भी होगा। जब राक्षस हिमालय में रहने वाले मुनियों को परेशान करेंगे और उनकी पूजा में विघ्न डालेंगे, तब माता उन राक्षसों का वध करेंगी।

भ्रामरी माता :

फिर जब तीनों लोकों पर अरुण नाम के दैत्य अपनी बुराइयों को पनपायेगा और जगत में त्राहिमाम होगा तब संतो और देवताओ के रक्षा करने का आह्वान करेंगे, तब माता छह पैरों वाले असंख्य भ्रमरों का रूप धारण करके अरुण दैत्य का नाश करेगी। तीनों लोकों में तब माता 'भ्रामरी माता' के नाम से पूजी जाएगी


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