माँ दुर्गा लोगो
Goddess Maa Durga
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शेरोवाली माँ का जगराता

नवरात्रों में यदि माँ के जगराते की बात ना करे तो यह अधुरा सा ही लगता है | 9 दिनों तक चलने वाले देवी माँ दुर्गा के नवरात्रों में माँ के जगरात्रे की महिमा खूब है | माँ का दरबार सज्जा कर माँ के भजन से भरी यह रात जिसमे माँ के भक्त नाचते गाते पूरी रात माँ का गुणगान करते है | |

कैसे सजाया जाता है माँ का दरबार और होता है जागरण :

शेरोवाली माँ की मूरत या फोटो से माँ का दरबार सजाया जाता है | साथ में गजानंद और शिव जी की फोटो और मूरत लगाई जाती है | पुष्प मालाओ और इत्र से दरबार को महकाया जाता है | सामने एक अखंड ज्योत उस रात जलाई जाती है | माँ के दरबार में विभिन्न प्रकार की मिठाइयो का भोग लगाया जाता है | |

 Mata ki Choki

माँ के भजनों की प्रस्तुति :

अच्छे अच्छे और सुरीले भजनों से भजन गायक इस रात माँ की महिमा का गान करते है और श्रोतागण मन ही मन इन्हे गाते है | भजन संध्या का यह जागरण पूरी रात चलता है |

भक्त झूमते गाते नाचते और गूंजते जयकारे :

माँ के भजनों में आनंदविभोर होकर भक्त माँ को खुश करने के लिए नाचते गाते और मैय्या के नाम के जयकारे लगाते है | माँ के अखंड ज्योत भी साथ में नाचती हुई प्रतीत होती है | मरदंग की छाप पर जयकारे की गूंज से वातारवण पूरी तरह माँ ज्योतावाली के नाम हो जाता है | |

महा आरती :

माँ के जागरण का समापन माँ दुर्गा की आरती करके किया जाता है | जगराते में सम्मिलित सभी भक्तजन माँ के दरबार में हाथ जोड़ कर खड़े हो जाते है और माँ दुर्गा की आरती का गायन करते है | इस आरती में जय अम्बे गौरी और जय दुर्गे खप्पर वाली जैसी मुख्य आरतीयाँ है | |

प्रसाद वितरण :

आरती के बाद सभी भक्तो को थाल में आरती दिखाई जाती है जिसपे भक्त दोनों हाथ वार कर अपने सर और आँखों पर लगाते है और प्रसाद प्राप्त करते है |


निचे दिए गये लिंकों में आप जानेंगे नवरात्रि से जुडी विशेष बाते :

सभी देवताओ की पूजा माँ दुर्गा की पूजा से

क्या होते है नवरात्रे

कैसे होती है नवरात्रों में कलश स्थापना

साल में कब कब आते है नवरात्रे

क्या करे क्या ना करे नवरात्रों में

माँ दुर्गा के 9 रूप और उनकी महिमा

दुर्गा सप्तशती के अध्याय :

मधु कैटभ वध     महिषासुर वध     धूम्रलोचन वध

चण्ड मुण्ड वध    रक्तबीज वध

निशुम्भ शुम्भ वध