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चामुण्डा मंदिर शक्तिपीठ

 Chamunda Devi Himachal pradesh

किस जगह है शक्तिपीठ चामुंडा देवी मंदिर

हिन्दू श्रद्धालुओं का मुख्य केंद्र और 51 शक्तिपीठों में एक चामुंडा देवी देव भूमि हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित है. बंकर नदी के तट पर बसा यह मंदिर महाकाली को समर्पित है | मान्यता है कि यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं की सभी मनोकामना पूर्ण होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी स्थान पर माता का चरण गिर पड़ा था यहां शक्तिपीठ रूप में स्थापित हो गई | देश के कोने-कोने से भक्त यहां पर आकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते है साथ ही प्राकृतिक सौंदर्य लोगो को अपनी और आकर्षित करती है | यह मंदिर माँ काली को समर्प्रित है जिन्हे बुराई का संगार करने वाली बताया जाता है |

चामुंडा मंदिर की विशेष मान्यता :

चामुंडा देवी मंदिर भगवान शिव और शक्ति का स्थान है. भक्तों में मान्यता है कि यहां पर शतचंडी का पाठ सुनना और सुनाना माँ की कृपा पाने के लिए सबसे सरल तरीका है और इसे सुनने और सुनाने वाले का सारा क्लेश दूर हो जाता है.

माँ काली चामुण्डा क्यों कहलाती है ?

दुर्गा सप्तशती के सप्तम अध्याय में वर्णित कथाओं के अनुसार एक बार चण्ड-मुण्ड नामक दो महादैत्य देवी से युद्ध करने आए तो, देवी ने काली का रूप धारण कर उनका वध कर दिया. माता देवी की भृकुटी से उत्पन्न कलिका देवी ने जब चण्ड-मुण्ड के सिर देवी को उपहार स्वरुप भेंट किए तो देवी भगवती ने प्रसन्न होकर उन्हें वर दिया कि तुमने चण्ड -मुण्ड का वध किया है, अतः आज से तुम संसार में चामुंडा के नाम से विख्यात हो जाओगी. मान्यता है कि इसी कारण भक्तगण देवी के इस स्वरुप को चामुंडा रूप में पूजते हैं |

चामुण्डा देवी मंदिर जाने के रास्ते :

हवाई यात्रा द्वारा
चामुण्डा देवी मंदिर का नजदीकी हवाई अड्डा गगल में है जो कि मंदिर से 28 कि॰मी॰ की दूरी पर स्थित है। इसके बाद आप कार बस से मंदिर तक की यात्रा कर सकते है | सड़क मार्गbr />
सड़क मार्ग से जाने वाले पर्यटको के लिए हिमाचल प्रदेश टूरिज्म विभाग कि बस सेवा है | धर्मशाला जगह से 15 कि॰मी॰ और ज्वालामुखी से 55 कि॰मी॰ की दूरी पर मंदिर स्थित है। यहा से बस कार से आप मंदिर जा सकते है | रेल मार्ग

मराण्डा पालमपुर जेसी जगह 30 किमी की दुरी पर है | पठान कोट सभी प्रमुख राज्यो से रेल मार्ग से जुड़ा हुआ है ।

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